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खूब लड़ी मर्दानी ....झाँसी की रानी कविता -

झाँसी  की रानी -कविता पाठ =================== -[सुभद्रा कुमारी चौहान जी की लिखी ] Kavita Paath: Alpana Verma सिंहासन हिल उठे...

Nov 21, 2017

अपनी आँखों में बसा कर /कवर गीत

फ़िल्म-ठोकर 
मूल गायक -रफ़ी 
संगीतकार--श्याम जी घनश्याम जी 
गीतकार -साजन देहलवी 
अपनी आँखों में बसाकर कोई इक़रार करूँ 
जी में आता है कि जी भर के तुझे प्यार करूँ
अपनी आँखों में बसाकर कोई इक़रार करूँ

१-मैं ने कब तुझ से ज़माने की ख़ुशी माँगी है
एक हलकी सी मेरे लब ने हँसी माँगी है 
सामने तुझ को बिठाकर तेरा दीदार करूँ
जी में आता है कि जी भर के तुझे प्यार करूँ
अपनी आँखों में बसाकर कोई इक़रार करूँ

२-साथ छूटे न कभी तेरा यह क़सम ले लूँ
हर ख़ुशी देके तुझे तेरे सनम ग़म ले लूँ
हाय, मैं किस तरह से प्यार का इज़हार करूँ
जी में आता है कि जी भर के तुझे प्यार करूँ
अपनी आँखों में बसाकर कोई इक़रार करूँ.

film Thokar (1974) original singer- Rafi 
Music: Shamji Ghanshamji
Lyrics: Sajan Delvi
Raga: Bhairavi
यह गीत मुझे बहुत पसंद हैं,रफ़ी साहब के बेहतरीन प्रेम-गीतों में से एक लगता है.
जितनी बार सुनो हमेशा नया सा लगता है .इस गीत के साथ मैंने कुछ विडियो क्लिप्स जोड़कर एक नया रूप देने का प्रयास किया है.
आशा है आपको पसंद आएगा.



स्वर : अल्पना वर्मा 

Oct 27, 2017

खिलौनेवाला -सुभद्राकुमारी चौहान

खिलौनेवाला

[कविता ] -सुभद्राकुमारी चौहान

कविता पाठ:Alpana Verma

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वह देखो माँ आज

खिलौनेवाला फिर से आया है।

कई तरह के सुंदर-सुंदर

नए खिलौने लाया है।