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एक लड़की भीगी भागी सी ...स्वर -अल्पना

गीतकार-मजरूह सुल्तानपुरी

Nov 11, 2011

मेरी तमन्नाओं की तक़दीर











फिल्म-होली आई रे
मूल गायिका -लता

मेरी तमन्नाओं की तक़दीर तुम सँवार दो
प्यासी है ज़िंदगी तुम  मुझे प्यार दो

1-प्यार का आकाल पड़ा सारे ही जग में,सारे ही जग में,
प्यार का आकाल पड़ा सारे ही जग में
धोके हैं हर दिल में नफरत है रग -रग में
सबने डुबोया है मुझे पार तुम उतार दो.
प्यासी है जिंदगी तुम मुझे प्यार दो

2-खुशी यहाँ थोड़ी सी और बहुत गम है,और बहुत गम है
जितना भी प्यार मिले ,उतना ही कम है..
गम से भरे जीवन को प्यार से निखार दो..
प्यासी है ज़िंदगी तुम मुझे प्यार दो...
मेरी तमन्नाओं की तक़दीर तुम सँवार दो ...
-कवर संस्करण - स्वर -अल्पना


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Nov 10, 2011

अपनी आँखों में बसाकर












फ़िल्म-ठोकर
मूल गायक -रफ़ी
संगीतकार--श्याम जी घनश्याम जी
गीतकार -साजन देहलवी
अपनी आँखों में बसाकर कोई इक़रार करूँ
जी में आता है कि जी भर के तुझे प्यार करूँ
अपनी आँखों में बसाकर कोई इक़रार करूँ

१-मैं ने कब तुझ से ज़माने की ख़ुशी माँगी है
एक हलकी सी मेरे लब ने हँसी माँगी है
सामने तुझ को बिठाकर तेरा दीदार करूँ
जी में आता है कि जी भर के तुझे प्यार करूँ
अपनी आँखों में बसाकर कोई इक़रार करूँ

२-साथ छूटे न कभी तेरा यह क़सम ले लूँ
हर ख़ुशी देके तुझे तेरे सनम ग़म ले लूँ
हाय, मैं किस तरह से प्यार का इज़हार करूँ
जी में आता है कि जी भर के तुझे प्यार करूँ
अपनी आँखों में बसाकर कोई इक़रार करूँ.
film Thokar (1974) original singer- Rafi
Music: Shamji Ghanshamji
Lyrics: Sajan Delvi
Raga: Bhairavi
यह गीत मुझे बहुत पसंद हैं,रफ़ी साहब के बेहतरीन प्रेम-गीतों में से एक लगता है.
जितनी बार सुनो हमेशा नया सा लगता है .
बहुत इच्छा थी कि इसे अपना स्वर भी दूँ...इसलिए यह प्रस्तुति एक प्रयास है.
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-कवर संस्करण - स्वर -अल्पना

Nov 9, 2011

ये समा, समा है ये प्यार का


ये समा, समा हैं ये प्यार का
फिल्म - जब जब फूल खिले
मूल गायिका - लता मंगेशकर

कवर प्रस्तुति-अल्पना


ये समा, समा हैं ये प्यार का
किसी के इंतजार का
दिल ना चुरा ले कही मेरा, मौसम बहार का

बसने लगे आखों में कुछ ऐसे सपने
कोई बुलाए जैसे, नैनों से अपने
नैनों से अपने
ये समा, समा हैं दीदार का, किसी के इंतजार का
दिल ना चुरा ले कही मेरा, मौसम बहार का

मिल के ख़यालों में ही, अपने बलम से
नींद गवाई अपनी, मैने कसम से
मैने कसम से
ये समा, समा है  खुमार का, किसी के इंतजार का
दिल ना चुरा ले कही मेरा, मौसम बहार का
                  
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कवर संस्करण - स्वर -अल्पना