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एक लड़की भीगी भागी सी ...स्वर -अल्पना

गीतकार-मजरूह सुल्तानपुरी

Dec 30, 2012

यकीन -एक लघुकथा

मर्मस्पर्शी कहानी  'यकीन ' श्री  प्रकाश गोविंद जी की लिखी हुई है.जिसे मैनें अपने स्वर में यहाँ प्रस्तुत किया है.



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Dec 27, 2012

गुज़रा हुआ ज़माना ..


Film-Shirin Farhad
गुज़रा हुआ ज़माना

फिल्म-शीरीं-फरहाद [१९५८]

संगीतकार-एस.मोहिंदर

गीतकार-तनवीर नक़वी

मूल गायिका-लता मंगेशकर




गीत के बोल-


गुज़रा हुआ ज़माना, आता नहीं दुबारा
हाफ़िज़ खुदा तुम्हारा

१) खुशियाँ थीं चार दिन  की ,आँसू हैं उम्र भर के
तन्हाइयों में अक़्सर रोएंगे याद कर के
दो वक़्त जो कि हमने इक साथ है गुज़ारा
हाफ़िज़ ...

२) मेरी क़सम है मुझको तुम बेवफ़ा न कहना
मजबूर थी मुहब्बत सब कुछ पड़ा है सहना
टूटा  है ज़िन्दगी का अब आखिरी सहारा
हाफ़िज़ ...

३) मेरे लिये सहर भी आई है रात बन कर
निकला मेरा जनाज़ा मेरी बारात बन कर
अच्छा हुआ जो तुमने देखा न ये नज़ारा
हाफ़िज़ ...
प्रस्तुत कवर गीत ---स्वर-अल्पना ---
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Dec 23, 2012

तुम मुझे यूँ भुला न पाओगे

गीत-तुम मुझे यूँ भुला न पाओगे
संगीत-शंकर -जयकिशन
गीतकार-हसरत जयपुरी
मूल गायिका-लता मंगेशकर


गीत के बोल
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तुम मुझे यूँ भुला ना पाओगे
जब कभी भी सुनोगे गीत मेरे
संग -संग तुम भी गुनगुनाओगे

1-बीती बातों का कुछ ख़याल करो
कुछ तो बोलो कुछ हमसे बात करो
राज़ेदिल मैं तुम्हें बता दूँगी
मैं तुम्हारी हूँ मान जाओगे
तुम मुझे यूँ........

2-मेरी खामोशियों को समझो तुम
ज़िन्दगी याद में गुजारी है
मैं मिटी हूँ तुम्हारी   चाहत में
और कितना मुझे मिटाओगे
तुम मुझे यूँ.......

3-दिल ही दिल में तुम्हीं से प्यार किया
अपने जीवन को भी निसार किया
कौन तड़पा तुम्हारी राहों में
जब ये सोचोगे जान जाओगे
तुम मुझे यूँ.......

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प्रस्तुत गीत  कवर संस्करण है.
स्वर--अल्पना

Dec 22, 2012

सजना ओ सजना -फिल्म-अभिनेत्री

सजना ओ सजना कहे सुन क्या....

गीत फिल्म अभिनेत्री से है.
संगीतकार --लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
गीतकार--मजरूह सुल्तानपुरी
मूल गायिका -लता मंगेशकर
...............
कवर संस्करण--स्वर-अल्पना
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Dec 21, 2012

जो मैं चली फिर न मिलूंगी ...

संध्या 
गीत-

जो मैं चली फिर न मिलूंगी,
खो जाऊँगी मैं कहीं साजन मुझे आने दे या मेरे पास तू आ जा,,,,,,
जो मैं चली ...

आसूओं से जलते आकाश में अकेली ,डोलती हूँ तूफानों में कब से मैं अलबेली ,
दूर....ही से तुझको निहारे तेरी बिरहन मुझे आने दे या मेरे पास तू आजा.....

जो मैं चली ....
मैं लिए  tadpungi  ये आहों की माला ,फूंक डाले तन मेरा चाहे बिरहा की ज्वाला..
राख बन के   lipatungee तुझ से मेरे साजन मुझे आने दे.या मेरे पास तू आ जा....
जो मैं चली फिर न मिलूंगी..
................................

१९७१ में आयी एक क्लासिक फिल्म 'जल बिन मछली,नृत्य बिन बिजली' व्ही .शांताराम जी की एक बेहद खूबसूरत और नायब  फिल्म है.
मेरी पसंदीदा फिल्मों में से एक इस फिल्म का हर पक्ष प्रशंसनीय है चाहे वह कलाकरों की अदाकारी हो या निर्देशन या फोटोग्राफी या फिर गीत-संगीत.

जितनी बार देखें-सुने  मन नहीं भरता !  .खासकर संध्या का नृत्य ..
एक पाँव पर बैसाखी के साथ जो उन्होंने परफोर्मेंस दी है वह लाजवाब है!
इस के सभी गीत एक से बढ़कर एक हैं ,आज एक गीत मैं अपने स्वर में सुनना चाह रही हूँ --जो अभिनेत्री संध्या पर फिल्माया गया है.गीत की मूल गायिका लता जी हैं और संगीत लक्ष्मीकान्त प्यारेलाल जी का है.
इस के बोल मजरूह सुल्तानपुरी के लिखे हुए हैं ..सुन कर बताएँ कि मेरा यह प्रयास कैसा रहा ?

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---------------स्वर-अल्पना -Cover song-

Dec 20, 2012

तेरी है ज़मीन, तेरा आसमान


Movie: The Burning Train
Music: R D Burman
Lyricist: Sahir Ludhianvi
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तेरी है ज़मीन, तेरा आसमान, तू बड़ा मेहरबान, तू बक्शीश  कर.
सभी का है तू, सभी तेरे, खूदा  मेरे तू बक्शीश  कर..

तू चाहे तो हमें रखे, तू चाहे तो हमें मारे.
तेरे आगे झुकाके सर, खड़े हैं आज हम सारे.

ओ सब से बड़ी ताक़त वाले, तू चाहे तो हर आफत टाले .
तेरी मर्ज़ी से ऐ मालिक, हम इस दुनिया में आये हैं.
तेरी रहमत से हम सब ने, ये जिस्म और जान पाए हैं.

तू अपनी नज़र हम पर रखना, किस हाल में हैं खबर रखना..

तेरी है ज़मीन, तेरा आसमान, तू बड़ा मेहरबान, तू बक्शीश  कर.
सभी का है तू, सभी तेरे, खुदा मेरे तू बक्शीश  कर..



तेरी है ज़मीन, तेरा आसमान, तू बड़ा मेहरबान, तू बक्शीश  कर.
सभी का है तू, सभी तेरे, खुदा मेरे तू बक्शीश कर..
तेरी है ज़मीन,

प्रस्तुत है यह गीत -A Prayer -Vocals--Shahzad and Alpana .
 Music arranged by Mr.Shahzad.
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Dec 19, 2012

दिलबर दिल से प्यारे

Asha Parekh
गीत-दिलबर दिल से प्यारे,
फिल्म -कारवाँ
संगीत-राहुल देव  बर्मन
गीत--मजरूह सुलतानपुरी
मूल गायिका -लता.

गंभीर और दर्द भरे गीतों के बाद एक चुलबुला सा गीत.
इस फिल्म के सारे ही गीत एक से बढ़कर खूबसूरत हैं.


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Dec 18, 2012

मुश्किल है जीना

Priya Rajvansh

प्रस्तुत गीत 'मुश्किल है जीना बेदर्दों की दुनिया में '--फिल्म साहब बहादुर का है जिसे प्रिया  राजवंश पर फिल्माया गया था.देव आनंद की इस फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर सफलता नहीं मिली थी.
पर गीत बेहद लोकप्रिय हुआ था.
गीतकार राजेंद्र कृष्ण के लिखे इस  बेहद खूबसूरत गीत जो मदन मोहन जी के संगीत मे पिरोया गया है.
लता जी के गाये मूल  गीत को  सुनकर कोई  भी गुनगुनाये बिना नहीं रह सकता बस मैंने भी
इस गीत को सुना तो लगा कि एक कोशिश की जानी चाहिए.
Mp3 Play or Download from here by' save as'..

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Dec 17, 2012

तुम मुझ से दूर


फिल्म-इश्क पर ज़ोर नहीं
संगीत-सचिन देव बर्मन
गीत-आनंद बक्षी
मूल गायिका -लता मंगेशकर

शायद बहुत से लोगों ने इस गीत को सुना भी न होगा.लता जी के भूले -बिसरे गीतों में से एक है.
 मैं ने भी यह गीत हाल ही  सुना था ,बहुत ही अच्छा लगा..इसलिए एक प्रयास अपने स्वर में किया है.

गीत के बोल--
तुम मुझ से दूर चले जाना ना
मैं तुम से दूर चले जाऊँगी

१.मैं थी अन्जान जी की बातों से
अन्जानी प्यार की बारातों से
डोली बनाने चली थी मैं
अर्थी  बनी मेरे हाथों से

२.सोचा था प्यार कर के चोरी से
मैं तुम को बाँध लूँगी डोरी से
क्या था पता छुप जायेगा
चंदा यूँ रूठ के चकोरी से

३.क्या मेरी प्रीत बिरहा की मारी
आँसू में डूब गई चिंगारी
मैं तुम से हार गयी, तुम जीते
तुम मुझ से जीत गये, मैं हारी

तुम मुझ से दूर चले जाना ना
मैं तुम से दूर चले जाऊँगी
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Dec 16, 2012

लो आ गयी उनकी याद



फिल्म-दो बदन
मूल गायिका-लता जी,   गीतकार --शकील बदायुनी
संगीत-रवि
अभिनेत्री-आशा पारेख

लो आ गयी .... [गीत ] 

लो आ गयी उनकी याद, वो नहीं आये

दिल उनको ढूंढता है , ग़म के सिंगार कर के
आँखें भी थक गयी हैं, अब इंतज़ार कर के
इक आस रह गयी है, वो भी न टूट जाये
लो आ गयी उनकी याद ...

रोती  हैं आज हम पर , तनहाइयाँ हमारी
वो भी न पाये शायद, परछाइयाँ हमारी
बढ़ते ही जा रही हैं, मायूसियों के साये
लो आ गयी उनकी याद ...

लौ थरथरा रही है, अब शम्म-ए-मुहब्बत की
उजड़ी हुई मुहब्बत, महमाँ है दो घड़ी की
मर कर ही अब मिलेंगे, जी कर तो मिल न पाये
लो आ गयी उनकी याद ...

Cover By Alpana

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Dec 15, 2012

सुन री पवन






गीत -सुन री पवन ,पवन पुरवय्या
फिल्म-अनुराग [१९७२]
गीत-आनंद  बक्षी
संगीत-सचिन देव बर्मन
मूल गायिका -लता जी

प्रस्तुत कवर संस्करण -स्वर-अल्पना

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Dec 14, 2012

मैं तो तुम संग नैन मिला के..


Actress-Sadhana 

फिल्म-मन मौजी
संगीत -राजेंद्र कृष्ण ,संगीत-मदन मोहन
मूल गायिका -लता जी,

गीत-
मैं तो तुम संग, नैन मिला के
हार गई सजना, हो, हार गई सजना
मैं तो तुम संग...

क्यूँ झूठे से प्रीत लगाई
क्यूँ छलिये को मीत बनाया
क्यूँ आंधी में दीप जलाया
मैं तो तुम संग ...

सपने में जो बाग़ लगाए
नींद खुली तो वीराने थे
हम भी कितने दीवाने थे
मैं तो तुम संग ...

ना मिलतीं ये बैरन अँखियाँ
चैन न जाता दिल भी न रोता
काश ,किसी से प्यार न होता
मैं तो तुम संग ...
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प्रस्तुत गीत एक प्रयास -स्वर-अल्पना