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खूब लड़ी मर्दानी ....झाँसी की रानी कविता -

झाँसी  की रानी -कविता पाठ =================== -[सुभद्रा कुमारी चौहान जी की लिखी ] Kavita Paath: Alpana Verma सिंहासन हिल उठे...

May 12, 2017

तुम बिन सजन बरसे नयन-फ़िल्म-ग़बन[१९६६]

lyrics -

तुम बिन सजन बरसे नयन, जब-जब बादल बरसे
मजबूर हम, मजबूर तुम, दिल मिलने को तरसे

नागिन-सी ये रात अँधेरी, बैठी है दिल को घेरके
रूठे जो तुम, सब चल दिए मुख फेरके
तुम बिन सजन …

May 2, 2017